सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में सरकार ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में सामने आए शराब कांड के बाद जिम्मेदारी तय करते हुए तीन आबकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरकार की इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
तीन आबकारी अधिकारियों पर कार्रवाई
सरकार की ओर से की गई कार्रवाई के तहत आबकारी सहायक आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा सर्किल की आबकारी उप निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित किया गया है।
शराब कांड के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और अवैध शराब की बिक्री पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठ रहे थे। इसी बीच तीन अधिकारियों के निलंबन को विभागीय स्तर पर हुई बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
बंडा-शाहगढ़ में जहरीली शराब से मौतों ने मचाया हड़कंप
सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब के सेवन से कई लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों का मामला सामने आया था। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य जांच और लोगों की स्क्रीनिंग कराई गई। वहीं, पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
अवैध शराब के नेटवर्क की जांच
पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि अवैध शराब कहां तैयार हुई, इसकी सप्लाई किन लोगों के माध्यम से हुई और यह शराब प्रभावित लोगों तक किस तरह पहुंची।
जांच में अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस की कार्रवाई के साथ अब आबकारी विभाग के स्तर पर भी जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सरकार ने दिखाई सख्ती
जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। तीन आबकारी अधिकारियों के निलंबन से यह संकेत साफ है कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही या जिम्मेदारी के बिंदुओं की भी जांच की जा रही है।
हालांकि, निलंबित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के विस्तृत कारण और उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी को लेकर विस्तृत विभागीय जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
आगे और कार्रवाई की संभावना
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। अवैध शराब की सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
अब सवाल यह है कि जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क से जुड़े और कितने नाम सामने आते हैं और क्या विभागीय स्तर पर भी आगे कोई बड़ी कार्रवाई होती है।
सागर के बंडा-शाहगढ़ शराब कांड में तीन आबकारी अधिकारियों के निलंबन के बाद अब जांच के अगले चरण पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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