मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन का नजारा ही कुछ और है यहां पर एकल खिड़की काउंटर पर मची मारामारी और यात्रियों को होने वाली परेशानियों से रेलवे के आला अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक बेखबर बने हुए हैं। रेल सेवा को बेहतर बनाने के दावे जहां खोखले साबित होते जा रहे हैं। वहीं रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं के नाम पर कुछ न कर यात्रियों की परेशानियों को लगातार बढ़ाया जा रहा है। यात्रियों की माने तो रेलवे प्रबंधन ही यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने को मजबूर कर रहा है। हालात यह है कि यात्रियों को घंटों लाइन लगे रहने के बाद भी टिकट नहीं मिल पाता है। और अतः वह बिना टिकट लिए ही यात्रा कर जाते हैं। रेलवे स्टेशन पर एक मात्र खिड़की होने की वजह से यात्रियों को भारी असुविधा हो रही है। गौरतलब हो कि सुबह झांसी की ओर एवं इलाहाबाद जाने वाली पैसेंजरो एवं दोपहर में इंटरसिटी तथा रात में जाने वाली इलाहाबाद बुंदेलखंड एक्सप्रेस, दिल्ली जाने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से सैकड़ों लोग रोजाना ही यात्रा करते हैं। इतना ही नहीं झांसी व इलाहाबाद, दिल्ली तक जाने वालों की संख्या सबसे अधिक होती है। यहां रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों लोग ट्रेनों के आने के समय टिकट लेने के लिए कतार में लगने लगते हैं। और रेलवे स्टेशन पर एक ही टिकट खिड़की होने के कारण यहां आने वाली महिलाओं एवं पुरुषों को एक ही खिड़की से टिकट लेना पड़ता है। इतना ही नहीं यहां दिव्यांग यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। यात्रियों की मानें तो यहां टिकट लेने के लिए घंटों खड़ा रहने के बाद भी यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाता है। और मजबूरन लोगों को बिना टिकट यात्रा करने को मजबूर होना पड़ता है। यहां टिकट लेने के लिए आने वाले लोगों ने बताया कि इकलौती टिकट खिड़की होने के कारण यहां टिकट को लेकर मारामारी मचती है। यहां मौजूद यात्रियों ने बताया कि एक काउंटर होने के कारण ट्रेन आने पर मजबूरन यात्रियों को बिना टिकट ही यात्रा करने के लिए कभी कभार मजबूर होना पड़ता है। और रेलवे स्टेशन पर महिलाओं एवं दिव्यांगों के लिए कोई भी अलग से काउंटर नहीं है। ऐसे हालातों में आपस में ही आए दिन नोकझोंक भी होती रहती है।

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