खनन माफियाओं और सम्बन्धित अधिकारियों की मिलीभगत का चल रहा खुला खेल, नियमों को ताक पर रख कर सिस्टम के तहत सभी जिम्मेदार बने हैं मूकदर्शक

टहरौली प्रशासन की नाक के नीचे बिना रॉयल्टी की बालू से लदे वाहन बेरोकटोक मचा रहे हैं सड़को पर धमाचौकड़ी

टहरौली:उमाकांत गुप्ता सोनू, @देवेश गुप्ता संपादक
टहरौली (झाँसी) - खनिज विभाग, तहसील प्रशासन एवं स्थानीय पुलिस अधिकारियों की कोरम अदायगी से टहरौली क्षेत्र में बगैर परमिट के ही बालू, गिट्टी आदि खनिज संपदाओं का परिवहन हो रहा है । धड़ल्ले से ओवरलोड वाहनों का भी बेरोकटोक संचालन हो रहा है ।

     टहरौली क्षेत्र के कुकरगाँव बालू घाट पर डम्फरों, ट्रकों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लम्बी लम्बी कतारें लगती हैं । उक्त बालू घाट पर पहले चक्कर पर बालू की रॉयल्टी (एम. एम. 11) दी जाती है जबकि अन्य चक्करों पर बिना रॉयल्टी (एम. एम. 11) के ही बालू बगल के स्थान से लादी जाती है । उक्त बालू घाट संचालकों की जिले के खनिज विभाग, स्थानीय टहरौली तहसील प्रशासन एवं थाना टहरौली में मजबूत पकड़ बतायी जाती है । निवर्तमान उपजिलाधिकारी टहरौली शशिभूषण के ट्रांसफर के बाद टहरौली में खनन माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गये हैं । कुछ लोग दबी जुबान में बताते हैं कि निवर्तमान उपजिलाधिकारी शशिभूषण द्वारा खनन माफियाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्यवाहियों के बाद क्षेत्र में खनन माफियाओं की कमर ही टूट गयी थी जिसके बाद स्थानीय नेताओं की मदद से उनकी शिकायतें की गयीं थीं । निवर्तमान उपजिलाधिकारी टहरौली शशिभूषण के द्वारा जिले के एक बड़े नेता की डम्फरों को भी पकड़ा गया था । उनके जाते ही क्षेत्र के खनन माफिया एक बार फिर से सक्रिय हो गये हैं ।
 
      कुछ लोग बालू घाट संचालकों की खनिज अधिकारियों, तहसील प्रशासन और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से अच्छी "सेटिंग" की बात भी बताते हैं । वर्तमान में टहरौली क्षेत्र में बालू के अवैध तरीके से परिवहन में भी तेजी आयी है । बिना रॉयल्टी की बालू से लदे, ओवरलोड ट्रक, डम्फर और ट्रैक्टर ट्रॉली बे - रोकटोक उपजिलाधिकारी टहरौली कार्यालय, क्षेत्राधिकारी टहरौली कार्यालय और थाना टहरौली के सामने से फर्राटा भरते हुये नजर आते हैं । जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अभी तक इन पर कोई ठोस कार्यवाही करने की जहमत तक नहीं उठायी गयी है । सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार इन ट्रकों, डम्फरों और ट्रैक्टरों से स्थानीय पुलिस द्वारा कुछ चहेते सिपाहियों के माध्यम से एन्ट्री के नाम पर महीने की मोटी रकम भी वसूली जा रही है । यह पूरा खेल सम्बंधित विभागों के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों व खनन माफियों की गहरी मिलीभगत से हो रहा है । परिणामस्वरूप जब शिकायत का सिलसिला तेज होता है तब विभागीय अधिकारी कुछ वाहनों को ओवरलोड के नाम पर चालान करके अपना गुड वर्क दिखाकर अपनी पीठ थपथपा लेते हैं । अवैध खनन व परिवहन का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि जब भी छापे की कार्रवाई होती है, बगैर परमिट के खनिज पदार्थों का परिवहन पकड़ा जाता है । जांच के नाम पर प्रशासन भी महज औपचारिकता ही पूरी कर रहा है । इसका नतीजा है कि टहरौली क्षेत्र की सड़कों पर बिना रॉयल्टी की बालू से लदे ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं और स्थानीय प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है ।

     वहीं जब इस विषय पर उपजिलाधिकारी टहरौली मंजूर अहमद अंसारी से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि बालू का अवैध खनन और अवैध परिवहन कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा । पकड़े जाने पर तर्क संगत धाराओं में मामला दर्ज करवाया जायेगा । दोषियों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जायेगा । शीघ्र ही छापामारी करके ठोस कदम उठाये जायेंगे । उपजिलाधिकारी टहरौली मंजूर अहमद अंसारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करवाया जायेगा ।
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