जनपद पंचायत में सरपंच से मांगी जाती है रिश्वत ,तब होता है भुगतान


जतारा (टीकमगढ) 
ग्राम पंचायतों में कराए गए निर्माण कार्यों मनरेगा योजना के तहत निर्माण कार्यों का मटेरियल सामग्री का जो भुगतान किया गया है उसमें खुला कमीशन का दौर चला है इस बात के आरोप सरपंचों ने जनपद के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगाए हैं और इस मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से की है जिसके बाद जिला कलेक्टर सुभाष कुमार द्विवेदी ने निर्देश जारी की जिसके बाद जिला पंचायत के सीईओ सुदेश कुमार मालवीय ने 5 सदस्य टीम का गठन जारी कर जांच के निर्देश दिए हैं।
बताते चलें कि जनपद पंचायत जतारा के अधिकारियों के द्वारा हाल ही में मटेरियल सामग्री का भुगतान किया गया जिसमें कई सरपंचों ने जहां भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और जिन सरपंच होना कमीशन नहीं दिया उनका भुगतान नहीं किया गया है इतना ही नहीं जिसके बाद ग्राम पंचायत बराना बमौरी के भाजपा समर्थक सरपंच जनपद पंचायत कार्यालय जतारा के प्रांगण में धरना प्रदर्शन दिया और अधिकारियों के ऊपर कमीशन मांगे जाने का आरोप लगाया और कहा है कि जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी कर्मचारी खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं तो वही जनपद पंचायत जतारा में जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में भ्रष्टाचार खुलेआम चल रहा है जिसके कारण अधिकारियों के ऊपर कार्यवाही नहीं हो रही है तो वही देखा जाए तो
डेढ़ करोड़ से अधिक के घोटाले के मामले में चर्चाओं में चल रही जनपद पंचायत जतारा में अनियमितताएं थमने का नाम नहीं ले रही है और यहां पर पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आए दिन आरोप लग रहे हैं जिसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं लोगों में की जा रही है ।जहां जिला प्रशासन के अधिकारी जनपद के अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए निर्देश जारी कर  टीमों का गठन करते हैं तो वहीं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का अभय दान होने  से जनपद के अधिकारियों पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। जब की हालत यह है कि जनपद पंचायत जतारा में जहां डेढ़ करोड़ से अधिक का घोटाला हो चुका है तो वह मटेरियल भुगतान सामग्र
जनपद पंचायत जतारा में पदस्थ ऑपरेटर  के द्वारा खुलेआम मनरेगा के भुगतान के लिए कर्मचारियों से की जा रही 5 पेशेंट की मांग 5 पेशेंट ना देने के कारण नहीं किया गया मटेरियल का भुगतान नहीं किया गया है।
  मनरेगा विभाग में वरिष्ठ अधिकारी ऑपरेटर पर क्यों नहीं करते कार्रवाई जिसको लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं बीते माह भी जब मटेरियल सामग्री का भुगतान हुआ था तो उस समय भी चाहे थे सरपंचों की पंचायतों में उपयंत्री यों के हिसाब से भुगतान जारी किया गया था तब भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और जिला प्रशासन के द्वारा पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया था अभी पूरी भी नहीं हुई थी और एक नया मामला जुड़ गया जिसके पीछे का कारण यह बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन के अधिकारी शिकायतों के बाद कार्यवाही करने के लिए जांच के निर्देश कहते टीमों का गठन करते लेकिन राजनीतिक संरक्षण में जनपद पंचायत जतारा के अधिकारियों के ऊपर उनका वरदान होने के कारण कार्यवाही नहीं हो रही है जिससे यहां के हालात खराब हो रहे हैं और भ्रष्टाचार का बोलबाला चल रहा है जांच का विषय है जिला पंचायत सीईओ स्वदेश कुमार मालवी कलेक्टर के निर्देशन में जो टीम का गठन किया है उसमें जतारा एसडीएम डॉ सौरभ सोनबणे परियोजना अधिकारी मनरेगा जिला पंचायत मनरेगा लेखापाल टीकमगढ़ नोडल अधिकारी सामाजिक अंकेक्षण अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत जतारा को उक्त गड़बड़ी की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं जिसका प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जतारा से पुष्पेंद्र सिंह परिहार रिंकू की रिपोर्ट
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