योजनाओं में गड़बड़ी छिपाने के चक्कर में नहीं दी जा रही सूचना के अधिकार के तहत जानकारी

 भगवॉ शानू अली


बड़ामलहरा:-आमजन व प्रशासन के बीच पारदर्शिता रखनें के उद्देश्य से सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम लागू किया है परंतु अधिकारियों की मनमर्जी के आगे यह अधिनियम दम तोड रहा है। समयावधि बीतनें के वावजूद भी आवेदकों को जानकारियां प्रदान नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने सीइओ को आवेदन देकर जानकारी दिलानें की मांग की है।  


          बाबूलाल पिता बिहारी पटेल निवासी ग्राम सिमरिया बताते है कि, जनपद पंचायत कार्यालय बडामलहरा में उन्होनें विगत 15 अक्टूबर 2020 को सूचना का अधिकार अधिनियम अंतर्गत एक आवेदन दिया है। आवेदन के माध्यम से ग्राम पंचायत अंतर्गत शासकीय राशि से कराये गये निर्माण कार्यों की जानकारी व उनके भुगतान की मूल्यांकन पुस्तिका सहित अन्य जानकारियों की प्रमाणित छाया प्रतियां मांगी हैं। अधिकारियों ने आवेदन की रसीद प्रदान कर जानकारी देने 12 नवंबर 2020 की तिथि निर्धारित की थी। निर्धारित समय पर संपर्क करनें पर जानकारी देने में टाल मटोल किया गया। उनका आरोप है कि, 4 महीना गुजर चुका वावजूद इसके, जानकारी नहीं दी गई। इसी प्रकार सानू अली निवासी ग्राम भगवां ने 28 सितंबर 2020 को रजिस्टर्ड डाक द्वारा आवेदन देकर ग्राम पंचायत लिधौरा व कुंवरपुराकला में मनरेगा योजना अंतर्गत कराये गये निर्माण कार्यों व उनके भुगतान की प्रमाणित जानकारी मांगी है। समयसीमा में जानकारी हासिल न होनें पर उन्होनें विगत 23 दिसंबर 2020 को एक स्मरण पत्र भी रजिस्टर्ड डाक द्वारा संबंधित ग्राम पंचायत को दिया फिर भी जानकारी नहीं मिली। जानकारी के अभाव में आवेदक सानू अली ने विगत 22 जनवरी को जनपद पंचायत बडामलहरा में सीइओ अजय सिंह के समक्ष प्रथम अपीलीय आवेदन प्रस्तुत कर जानकारी मांगी है। आवेदकों का आरोप है कि, मनरेगा योजना, हितग्राही मूलक योजना व पंचायती विकास कार्यों में शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है। निर्माण ऐजेसी ने विकास कार्यो में बडे पैमानें पर गोलमाल किया है। उनका आरोप है कि, तकनीकी मापदंड अनुसार संरचनाओं का निर्माण नहीं किया गया साथ साथ मनरेगा योजना अंतर्गत नवींन तालाब निर्माण, खेत तालाब, सार्वजनिक खेत तालाब, सूदूर ग्राम संपर्क सडक निर्माण कार्य मजदूरों के स्थान पर मशीनों से कराये गये हैं। निर्माण ऐजेंसी ने संबंधित अधिकारियों से सांठगांठ कर निर्माण कार्यों में लीपापोती की और भुगतान आहरित कर लिया है। ग्रामीणों का मामना है कि, इसीलिए लोक सूचना अधिकारी द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम का दमन किया जा रहा है और जानकारी छुपाई जा रही है। आवेदक बाबूलाल पटेल ने मंगलवार को सीइओ को एक लिखित आवेदन देकर चाही गई जानकारी दिलानें की मांग की है। स्थानीय जनपद पंचायत के एपीओ दिनेश गुप्ता की मानें तो सूचना का अधिकार अधिनियम अंतर्गत वर्ष 2020-21 में विभाग को 2 आवेदन ही प्राप्त हुऐ है। विभाग ने जानकारी उपलब्ध करानें के लिए संबधित ग्राम पंचायतों को पत्र भी जारी किऐ है।

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