मऊरानीपुर
। ग्राम हरपुरा के पास से निकली सिजार नदी के नीचे चैक डैम का निर्माण कराये जाने से संपर्क मार्ग पर बना रपटा नीचा होने से तीन माह से डूबा हुआ है। लेकिन निकलने के लिए अन्य रास्ता न होने से पंचमपुरा, हरपुरा, चुरारा, मथूपुरा, पठा, ढकरवारा, परसारा, सिद्धपुरा, खिलारा आदि एक दर्जन से अधिक ग्रामों के राहगीरों को प्रतिदिन डूबे हुए रिपटे पर से मजबूरन निकल ने से परेशानी का सबब बना हुआ है। इतना ही नहीं रिपटे पर रैलिंग भी नहीं है जिससे वाहन कभी सीधे नदी में गिरने का खतरा बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग से रिपटे की ऊंचाई बढ़ाए जाने की मांग की लेकिन संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे निकलने वाले वाहनों को नदी में गिरजा ने का भार बना रहता है। वही ग्राम पंचायत पठा के बीचो-बीच से निकली कुडार नदी पर बने चेक डैम की सुरक्षा पट्टी इस साल अधिक पानी के बहाव के चलते क्षतिग्रस्त हो गई है। लेकिन अभी तक मरम्मत न होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत धायपुरा के पास से निकली कुडार नदी पर बर्षो पूर्व बनाया गया रपटा अधिक पानी के बहाव के कारण टूट-फूट कर क्षतिग्रस्त हो गया है। जिस पर से खेती के वाहन निकालना तो दूर ग्रामीणों को पदैल निकलना भी खतरा से खाली नही है। फिर भी किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए व श्रद्धालुओं को प्राचीन मंदिर तक एवं छात्रों व अध्यापकों को पूर्व माध्यमिक विद्यालय जाने के लिए मजबूरी में आवागमन करना पड़ रहा है। बताते चलें कि जब से नदी में लघु सिंचाई विभाग द्वारा चैक डैम का निर्माण करा दिया है तभी से चद्दर डूब क्षेत्र में आ जाने से जलमग्न हो कर क्षतिग्रस्त हो गया है।
रिपोर्ट शिवम विश्वकर्मा


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